छुरा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत पर जिला पंचायत सीईओ का सख्त निरीक्षण, पीएम-जनमन आवास से लेकर मनरेगा तक हर योजना की ली गहन पड़ताल

स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों की सराहना, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश
छुरा। जिले में संचालित विकास योजनाओं की जमीनी प्रगति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने बुधवार को छुरा विकासखंड का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, कार्यालयीन व्यवस्था और शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
दौरे के दौरान सीईओ श्री चंद्राकर ने ग्राम पंचायत द्वारतरा, मडेली एवं जरगांव पहुंचकर प्रधानमंत्री जनमन (पीएम-जनमन) आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मकानों की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजना से मिल रहे लाभ, निर्माण की प्रगति तथा सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवास निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं ताकि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का भी जायजा लिया। वीबीजी-राम-जी योजना के तहत निर्मित डबरी, रंगमंच तथा अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक कार्य नियमानुसार और समय पर पूरा होना चाहिए।
जिला पंचायत सीईओ ने महिला स्व-सहायता समूहों के साथ बैठक कर उनकी आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। समूहों द्वारा संचालित मत्स्य पालन, बतख पालन एवं मुर्गी पालन जैसे स्वरोजगार आधारित कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने महिलाओं को आय के नए स्रोत विकसित करने और गतिविधियों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम हैं और इनके माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना चाहिए।
श्री चंद्राकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने हितग्राही मूलक योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ ग्रामीणों को धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
इस अवसर पर जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश चंद्रवंशी, आवास जिला समन्वयक विजय साहू, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जिला पंचायत सीईओ के इस दौरे से विकास कार्यों में तेजी आने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
