उज्ज्वला की लौ हुई मंद! ₹361 से घटकर ₹61 सब्सिडी—₹300 के ‘घपले’ पर भड़के पार्षद विजय साव, केंद्र पर सीधा हमला”

 


रिपोर्टर – अनीश सोलंकी
महासमुंद | प्रधानमंत्री की बहुचर्चित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। गैस सब्सिडी में कथित भारी कटौती को लेकर महासमुंद के पार्षद विजय साव ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे गरीबों के साथ सीधा अन्याय बताते हुए ₹300 के बड़े ‘घपले’ का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

“गरीब की थाली से ₹300 छीने जा रहे” — विजय साव

पार्षद विजय साव ने आंकड़ों के साथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले प्रति सिलेंडर ₹361 की सब्सिडी मिलती थी, जिससे गरीब परिवारों को राहत मिलती थी। लेकिन अब यह राशि घटकर मात्र ₹61 रह गई है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
“एक तरफ ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा, दूसरी तरफ गरीब की रसोई पर सीधा वार—यह सरासर धोखा है।”

❓ “कहां गए ₹300?” — उठे बड़े सवाल

विजय साव ने सवाल उठाया कि हर सिलेंडर पर जो ₹300 कम किए जा रहे हैं, आखिर वह पैसा जा कहां रहा है?

उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह फैसला कमर तोड़ने वाला है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के बीच सब्सिडी में इतनी बड़ी कटौती आम और गरीब वर्ग पर दोहरी मार है।

आंदोलन की चेतावनी

मामले को लेकर पार्षद साव ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया और सब्सिडी फिर से ₹361 नहीं की, तो वे जनता के साथ सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा—
“यह लड़ाई अब वार्ड से निकलकर दिल्ली तक जाएगी, गरीब के हक के लिए हर स्तर पर संघर्ष होगा।”

उज्ज्वला योजना, जिसे कभी गरीबों के लिए ‘राहत की लौ’ कहा गया था, अब उसी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सब्सिडी में कटौती का मुद्दा राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है, और आने वाले समय में यह बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

मुख्य खबरें