“दो महीने से टूटी थी राह, जनता थी बेहाल… रोहित साहू ने संभाला मोर्चा, पलभर में बदल गई तस्वीर!” खुद मौके पर संभाला मोर्चा; जेसीबी-ट्रैक्टर लगवाकर अपनी मौजूदगी में बनवा दिया एप्रोच रोड, अब 10 पंचायतों की राह हुई आसान

मुसीबत में जनता के साथ खड़े दिखे विधायक, तत्काल समाधान से ग्रामीणों में खुशी; बोले—समस्या जनता की है तो समाधान की जिम्मेदारी भी हमारी
संवाददाता – अनीश सोलंकी
छुरा। पहली बारिश में कोसमबुड़ा–सारागांव मार्ग पर स्थित पुल के टूटने के बाद करीब दो महीने से इलाके के 10 पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे। टूटे पुल ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी थी। छुरा आने-जाने के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही थी और बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई थी।
ऐसे समय में जब ग्रामीण लंबे समय से स्थायी समाधान की आस लगाए बैठे थे, राजिम विधायक रोहित साहू ने खुद मोर्चा संभालते हुए मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की परेशानी का तत्काल समाधान कराने की पहल की। बुधवार को विधायक टूटे पुल के पास पहुंचे और हालात का जायजा लेने के बाद अधिकारियों के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत जेसीबी और ट्रैक्टर मौके पर बुलवाए और अस्थाई एप्रोच रोड का काम शुरू करा दिया।
सिर्फ निरीक्षण नहीं, खुद खड़े होकर कराया काम
विधायक रोहित साहू की पहल की खास बात यह रही कि वे महज मौके का निरीक्षण करके वापस नहीं लौटे। विधायक खुद मौके पर खड़े रहे और अपनी मौजूदगी में जेसीबी-ट्रैक्टर से एप्रोच रोड तैयार करवाते रहे। देखते ही देखते टूटे मार्ग पर वैकल्पिक रास्ता तैयार होने लगा और लंबे समय से परेशानी झेल रहे ग्रामीणों के चेहरे पर राहत नजर आने लगी।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों से टूटे पुल के कारण आवाजाही बेहद मुश्किल हो गई थी। जरूरी काम से छुरा पहुंचना हो या बाजार, अस्पताल अथवा अन्य कार्यों के लिए आना-जाना—हर काम में परेशानी उठानी पड़ रही थी। ऐसे में विधायक द्वारा मौके पर पहुंचकर तत्काल वैकल्पिक रास्ता तैयार करवाना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
मुश्किल घड़ी में जनता के बीच पहुंचे विधायक
क्षेत्रवासियों के बीच विधायक रोहित साहू की इस पहल की जमकर चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता सिर्फ समस्या सुनने नहीं, बल्कि समस्या के बीच खड़े होकर उसका समाधान कराने के लिए भी सामने आएं—यही असली जनप्रतिनिधित्व है।
विधायक के मौके पर पहुंचने और तत्काल मशीनरी लगवाकर रास्ता तैयार कराने से लोगों में यह संदेश गया कि उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है। यही वजह है कि क्षेत्र के ग्रामीण विधायक की सक्रियता और त्वरित पहल की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
10 पंचायतों के ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
कोसमबुड़ा–सारागांव मार्ग से जुड़े करीब 10 पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए यह एप्रोच रोड फिलहाल बड़ी राहत लेकर आया है। वैकल्पिक मार्ग तैयार होने के बाद अब नदी के उस पार रहने वाले लोगों की छुरा तक पहुंच आसान हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बीच टूटे पुल के कारण जिस रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया था, वहां विधायक की पहल से अस्थाई आवागमन बहाल हुआ है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब पुल के स्थायी समाधान की दिशा में भी जल्द काम होगा।
रोहित साहू की कार्यशैली की हो रही चर्चा
क्षेत्र में विधायक रोहित साहू की इस पहल को लेकर यह चर्चा भी तेज है कि समस्या सामने आते ही मौके पर पहुंचना, अधिकारियों का इंतजार किए बिना तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी करना और खुद खड़े होकर काम की निगरानी करना उनकी सक्रिय कार्यशैली को दर्शाता है।
टूटे पुल के कारण दो महीने से परेशान ग्रामीणों को फिलहाल राहत मिल गई है। अब ग्रामीणों की निगाहें पुल के स्थायी निर्माण पर टिकी हैं। वहीं तत्काल एप्रोच रोड बन जाने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है और लोग विधायक रोहित साहू की इस पहल की सराहना करते हुए नजर आ रहे हैं।
जनता की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर मौके पर उतरना और समाधान होने तक डटे रहना—कोसमबुड़ा–सारागांव में विधायक रोहित साहू की यही सक्रियता इस समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
