छुरा नगर पंचायत में लाखों का राजस्व घोटाला! बिना डायवर्सन-नक्शा के धड़ल्ले से बन गए मकान-दुकान, जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी

छुरा :- नगर पंचायत छुरा में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण का खेल खुलेआम चल रहा है। नगर के कई स्थानों पर बिना भूमि डायवर्सन, बिना नक्शा स्वीकृति और बिना अनुमति के मकान व दुकानों का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब नगर पंचायत के नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
जानकारी के अनुसार नगर क्षेत्र में कृषि भूमि पर ही सीधे मकान और दुकानों का निर्माण कर लिया गया है, जबकि नियमानुसार किसी भी कृषि भूमि पर व्यावसायिक या आवासीय निर्माण से पहले भूमि का डायवर्सन कराना और नगर पंचायत से भवन नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही निर्माण की अनुमति मिलती है।
नियमों के तहत भवन निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा शुल्क, विकास शुल्क, नक्शा पासिंग शुल्क और अन्य कर नगर पंचायत को जमा करना पड़ता है। लेकिन बिना अनुमति के बनाए जा रहे इन निर्माणों से शासन को मिलने वाला यह राजस्व सीधे-सीधे प्रभावित हो रहा है और अनुमान लगाया जा रहा है कि अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।
सूत्रों की मानें तो नगर में कई ऐसे निर्माण हैं जो राजनीतिक पहुंच और सेटिंग-गेटिंग के दम पर बिना किसी रोक-टोक के पूरे कर लिए गए। कई जगहों पर तो निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी नगर पंचायत की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे नगर में नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।
नियम क्या कहते हैं :
कृषि भूमि पर मकान या दुकान बनाने से पहले भूमि का डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) कराना अनिवार्य है।
नगर पंचायत क्षेत्र में किसी भी भवन निर्माण से पहले भवन नक्शा स्वीकृत कराना जरूरी होता है।
बिना अनुमति निर्माण पाए जाने पर जुर्माना, निर्माण सील या तोड़ने की कार्रवाई तक की जा सकती है।
इसके बावजूद नगर पंचायत क्षेत्र में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध निर्माण हो रहे हैं या फिर प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो नगर पंचायत छुरा में बड़े राजस्व घोटाले और नियम विरुद्ध निर्माण का खुलासा हो सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करता है या फिर यह खेल इसी तरह चलता रहेगा।

मुख्य खबरें