लापरवाह अफसरों पर कलेक्टर का शिकंजा”गरियाबंद विकासखण्ड की मैराथन समीक्षा में मचा हड़कंप, कई विभागों को नोटिस जिलाधिकारी का स्पस्ट निर्देश बारिश से पहले सभी निर्माण कार्य हो पुरा

रिपोर्टर :- अनीश सोलंकी
गरियाबंद :– जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने गरियाबंद विकासखण्ड की विकास योजनाओं की प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया। बैठक में पंचायतवार कार्यों की स्थिति, निर्माणाधीन परियोजनाओं और ग्रामीण उत्थान से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले जल संसाधन एवं वन विभाग के अधिकारियों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य और श्रम विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए।
कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि बरसात से पहले सभी अधूरे निर्माण कार्य—पुल-पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, पीएम आवास—हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को समय पर लाभ मिल सके। निर्माण एजेंसियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में किसानों की बैंकों में बढ़ती भीड़ को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को एटीएम के माध्यम से राशि निकालने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे समय की बर्बादी रोकी जा सके।
15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर भी विशेष जोर देते हुए उन्होंने पंचायतों को निर्देश दिए कि इस राशि का उपयोग स्वच्छता, पेयजल सुधार और मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही पंचायतों में जलकर निर्धारण करने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सायकल वितरण, छात्रवृत्ति, आधार एवं अपार आईडी, पेयजल व शौचालय जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई, जिसमें संतोषजनक प्रगति सामने आई। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने और ग्रामीण स्तर पर पलायन करने वाले व्यक्तियों की सूची संधारित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की भी जानकारी पंचायत स्तर पर दर्ज करने को कहा, ताकि आपात स्थिति में संपर्क संभव हो सके।
बैठक में बेहतर कार्य करने वाले पंचायत सचिवों की सराहना की गई, जबकि लापरवाही बरतने वाले सचिवों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए। कई सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही एक सचिव के स्थानांतरण के निर्देश भी दिए गए।
कुल मिलाकर, यह बैठक साफ संदेश दे गई कि अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी और हर योजना को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासन पूरी सख्ती के मूड में है।
