सड़क पर मौत का गड्ढा, PWD बेखबर! छुरा–फिंगेश्वर मुख्य मार्ग पर हादसे को खुला न्योता, बोड़राबांधा में सड़क के बीच जानलेवा गड्ढा ग्रामीणों ने गड्ढे में झाड़ियां डालकर वाहन चालकों को किया सतर्क, सवाल—क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

संवाददाता – अनीश सोलंकी
छुरा :- सड़क पर दौड़ते वाहन, सामने अचानक जानलेवा गड्ढा और हर पल दुर्घटना की आशंका! छुरा से कोसमबुड़ा होते हुए फिंगेश्वर जाने वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम बोड़राबांधा में ग्राम पंचायत के सामने सड़क की बदहाली राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। मुख्य सड़क के बीचोंबीच बना गड्ढा किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए अब ग्रामीणों को खुद आगे आकर गड्ढे में झाड़ियां डालनी पड़ रही हैं।
व्यस्त मार्ग पर सड़क के बीच बना यह गड्ढा केवल सड़क की खराब स्थिति का मामला नहीं, बल्कि वाहन चालकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। छुरा क्षेत्र से रायपुर, महासमुंद और फिंगेश्वर की ओर जाने वाले अनेक लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। दिनभर छोटी-बड़ी गाड़ियों के साथ भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क के बीच मौजूद गड्ढा वाहन चालकों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ा रहा है।

मुख्य सड़क पर गड्ढा, जिम्मेदारी किसकी?
ग्राम बोड़राबांधा में ग्राम पंचायत के सामने मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे को लेकर अब लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क पर नियमित आवागमन के बीच इस तरह का गड्ढा वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को अचानक गड्ढा सामने आने पर संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। वहीं, तेज रफ्तार से आने वाले वाहन यदि अचानक दिशा बदलने या ब्रेक लगाने का प्रयास करें तो दुर्घटना की आशंका और बढ़ सकती है।
सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी है? यदि जानकारी है, तो अब तक मरम्मत की पहल क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं है, तो व्यस्त मुख्य मार्ग की स्थिति पर विभाग की निगरानी कितनी प्रभावी है? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।

ग्रामीणों ने झाड़ियों से किया खतरे का इंतजाम
सड़क के गड्ढे से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने उसमें झाड़ियां डाल दी हैं, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का संकेत मिल सके। ग्रामीणों का यह कदम राहगीरों को सतर्क करने की कोशिश है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। झाड़ियां डालने से कुछ वाहन चालकों को गड्ढे का अंदाजा लग सकता है, मगर रात के अंधेरे में, बारिश के दौरान अथवा तेज रफ्तार से गुजरते समय खतरा बना रह सकता है।
यह स्थिति अपने आप में सवाल खड़ा करती है कि जब मुख्य मार्ग पर वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, तो ग्रामीणों को अस्थायी उपाय क्यों करने पड़ रहे हैं? झाड़ियों के सहारे कब तक दुर्घटना को टालने की कोशिश की जाएगी? जरूरत इस बात की है कि गड्ढे की विधिवत मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।
रात में बढ़ सकता है दुर्घटना का खतरा
दिन के उजाले में वाहन चालक सड़क की स्थिति देखकर सावधानी बरत सकते हैं, लेकिन रात के समय गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो सकते हैं, जबकि चारपहिया और भारी वाहन अचानक बचने के प्रयास में अनियंत्रित हो सकते हैं। पीछे से आ रहे वाहनों की मौजूदगी में अचानक ब्रेक लगाना भी जोखिम पैदा कर सकता है।
इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क की खराब स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, फिलहाल किसी दुर्घटना की सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन संभावित खतरे को रोकने के लिए हादसे का इंतजार करना उचित नहीं होगा।
सवालों के घेरे में विभागीय सक्रियता
सड़क पर गड्ढा बनना और उसका समय पर सुधार नहीं होना आम लोगों की परेशानी बढ़ाता है। व्यस्त मुख्य मार्ग पर ऐसी स्थिति होने पर संबंधित विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वह मौके का निरीक्षण कर तत्काल जरूरी सुधार कराए। लेकिन बोड़राबांधा में ग्रामीणों द्वारा झाड़ियां डालकर वाहन चालकों को सतर्क करने की नौबत यह बताती है कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
अब देखना होगा कि समाचार प्रकाशन के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कितनी गंभीरता दिखाते हैं। क्या गड्ढे की मरम्मत कराकर वाहन चालकों को राहत दी जाएगी, या फिर यह समस्या आगे भी बनी रहेगी? ग्रामीणों और राहगीरों की मांग है कि विभाग तत्काल संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत कराए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी जरूरी कदम उठाए।
हादसे से पहले जागिए साहब!
बोड़राबांधा में सड़क के बीच बना गड्ढा संबंधित विभाग के लिए समय रहते कार्रवाई करने का संकेत है। ग्रामीणों ने अपनी ओर से झाड़ियां डालकर लोगों को सावधान करने की कोशिश की है, लेकिन सड़क को सुरक्षित बनाना विभाग की जिम्मेदारी है। अब जरूरत आश्वासन की नहीं, बल्कि मौके पर कार्रवाई की है। आखिर किसी भी सड़क की उपयोगिता तभी है, जब उस पर सफर करने वाले लोग सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
बड़ा सवाल यही है—क्या लोक निर्माण विभाग संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएगा, या फिर जिम्मेदारों की नींद खोलने के लिए किसी हादसे का इंतजार करना पड़ेगा?
