तेज बहाव के बीच जिंदगी की जंग लड़ रहा था शिक्षक, छुरा पुलिस ने ग्रामीणों संग चलाया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन,सोमवार रात से लापता शिक्षक मंगलवार को सूखा नदी के बीच फंसा मिला,

संवाददाता :- अनीश सोलंकी
छुरा। सोमवार रात से लापता एक शिक्षक मंगलवार को हरदी-खुसरुपाली के पास सूखा नदी के तेज बहाव के बीच फंसा हुआ मिला। नदी के बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे शिक्षक को छुरा पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद शिक्षक को तत्काल छुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता थानसिंग निषाद को किसी व्यक्ति ने फोन के माध्यम से सूचना दी कि हरदी-खुसरुपाली क्षेत्र में सूखा नदी के बीच एक व्यक्ति फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही थानसिंग निषाद ने बिना देर किए इसकी जानकारी अपने छोटे भाई एवं समाजसेवी मानसिंग निषाद को दी। मानसिंग निषाद ने मौके की जानकारी जुटाने के बाद तत्काल इसकी सूचना पुलिस विभाग को दी।
सूचना मिलते ही छुरा थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का रुख किया। नदी में पानी का तेज बहाव और दलदली स्थिति होने के बावजूद पुलिस जवानों ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नदी के बीच फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बाहर निकाले गए व्यक्ति की पहचान छुरा नगर के गादीकोट निवासी शिक्षक नंद कुमार कंवर (38 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिक्षक सोमवार रात से लापता था। वह नदी के बीच तक कैसे पहुंचा और वहां किन परिस्थितियों में फंसा, फिलहाल इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना के दौरान नदी में पानी का तेज बहाव था और आसपास का क्षेत्र भी पूरी तरह कीचड़ एवं पानी से भरा हुआ था। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग से शिक्षक को समय रहते नदी से बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद शिक्षक की हालत ऐसी थी कि वह तत्काल स्थिति बताने में सक्षम नहीं था। उसे बिना देर किए छुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस शिक्षक के नदी तक पहुंचने की परिस्थितियों और सोमवार रात से उसके लापता होने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
थाना प्रभारी की तत्परता की हो रही सराहना
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता की क्षेत्र में सराहना हो रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल ने पुलिस टीम को सक्रिय किया और स्वयं मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी की। तेज बहाव वाले नदी क्षेत्र में जोखिम उठाकर ग्रामीणों के सहयोग से शिक्षक को बाहर निकालना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
इस सफल रेस्क्यू अभियान में थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश मिश्रा, आरक्षक रूपेंद्र जैन, आरक्षक अमित जांगड़े, आरक्षक यशवंत त्रिवेंद्र, समाजसेवी एवं भाजपा नेता मानसिंग निषाद तथा पार्षद हरीश यादव का विशेष योगदान रहा।
समय पर मिली सूचना, पुलिस की तत्काल सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग ने नदी के बीच फंसे एक शिक्षक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
