अटैचमेंट का खेल खत्म! स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ – अब शहरों में जमे डॉक्टर लौटेंगे गांव”PHC, CHC और जिला अस्पतालों में वर्षों से चल रहे संलग्नीकरण पर लगा ब्रेक, ग्रामीण अस्पतालों में बढ़ेगी डॉक्टरों की उपलब्धता

रिपोर्टर – अनीश सोलंकी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा और सख्त बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में ऐलान कर दिया है कि अब प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वर्षों से चल रहे ‘अटैचमेंट’ (संलग्नीकरण) के खेल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
मंत्री ने सदन में स्पष्ट घोषणा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में किए गए सभी पुराने संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। अब डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना स्थल पर ही सेवा देंगे।
बताया जाता है कि प्रदेश में लंबे समय से यह व्यवस्था विवादों में थी। कई डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों के PHC और CHC में पदस्थ होने के बावजूद संलग्नीकरण के सहारे शहरों के बड़े अस्पतालों में वर्षों से जमे हुए थे। इससे ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी बनी रहती थी और गांव के मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता था।
सरकार के इस सख्त फैसले के बाद अब सुदूर ग्रामीण अंचलों के अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आदेश लागू होने के बाद प्रदेशभर में संलग्नीकरण की समीक्षा की जाएगी और जो कर्मचारी लंबे समय से अपने मूल पदस्थापना स्थल से बाहर कार्य कर रहे हैं, उन्हें तत्काल वापस भेजा जाएगा।
सरकार के इस फैसले को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
