गरियाबंद नगरपालिका पर कांग्रेस का हल्लाबोल! 20 सूत्रीय मांगों को लेकर घेराव, नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला फूंका,,गंदगी, कथित भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण पर कांग्रेस ने उठाए सवाल; तालाबों के कार्यों की जांच, अवैध प्लाटिंग पर रोक और लंबित विकास कार्य शुरू कराने की मांग
संवाददाता – अनीश सोलंकी
गरियाबंद। शहर में गंदगी, अव्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने गरियाबंद नगरपालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 20 सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के साथ नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के अंत में नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला दहन कर नगरीय प्रशासन सचिव एवं कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
जिला कांग्रेस कार्यालय से निकली रैली, तिरंगा चौक से बस स्टैंड तक गूंजे नारे
नगरपालिका घेराव से पहले जिला कांग्रेस कार्यालय में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने शहर की सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों और नगरपालिका के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में व्याप्त गंदगी और अव्यवस्थाओं के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस द्वारा पहले भी समस्याओं को उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जनता के हित में पार्टी को सड़क पर उतरना पड़ा है।
बेसरा ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस आगे भी आंदोलन करेगी।
सभा के बाद सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल रैली निकालते हुए तिरंगा चौक और बस स्टैंड के रास्ते नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कार्यालय के पहले बैरिकेडिंग कर दी। आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बनी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखा।
नया तालाब, देवरानीन तालाब और निर्माण कार्यों की जांच की मांग
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में शहर की मूलभूत समस्याओं और लंबित विकास कार्यों को प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी ने नया तालाब के गहरीकरण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही नालंदा से संबंधित कार्य प्रारंभ करने तथा देवरानीन तालाब और नया तालाब के स्वीकृत कार्यों को शुरू कराने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में शहर में कथित अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और नगरपालिका क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग शामिल है। कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, ताकि विकास के नाम पर खर्च होने वाली राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके और नागरिकों को वास्तविक लाभ मिले।
सफाई व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक जवाबदेही तय करने की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी ने नगरपालिका प्रशासन से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार, तालाबों के विकास कार्यों में तेजी, अवैध प्लाटिंग पर नियंत्रण और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों के निराकरण पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर नगरपालिका प्रशासन और जिला प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, नीरज ठाकुर, रमेश शर्मा, पवन सोनकर, सन्नी मेमन, आबिद ढेबर, नादिर कुरैशी , सफीक खान,लोकेंद्र कोमर्रा, प्रहलाद यदु, छगन यादव, राजेश साहू, प्रेम सोनवानी, जुनैद खान, संदीप सरकार, पूना यादव, रमेश वर्मा, मुकेश पांडेय, अजय बाजपेयी, चेतन सिन्हा, गोरेलाल सिन्हा, रितिक सिन्हा, निरंजन प्रधान, हेमलता सिन्हा, वेदांत शर्मा, शेषांक मालिक, शिला तांडी, प्रतिभा पटेल, पार्वती ध्रुव, सविता गिरी, मुकेश भोई सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
