दो साल से अधूरा भवन, जिम्मेदार मौन!.. 11.69 लाख की लागत वाला आंगनबाड़ी भवन बना लापरवाही की मिसाल, निजी घर में चल रहा बच्चों का केंद्र…हर मंगलवार टीएल बैठक में समीक्षा के दावे, फिर सेमरा के अधूरे निर्माण पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं?

 

सूचना बोर्ड के अक्षर तक मिटे, लेकिन जिम्मेदारों की जवाबदेही अब भी गायब!

संवाददाता – अनीश सोलंकी
छुरा :-सरकारी निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा कराने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन निर्देशों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। छुरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरा में 11 लाख 69 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन पिछले दो साल से अधूरा पड़ा है। गांव के छोटे-छोटे बच्चों को आज तक अपना आंगनबाड़ी भवन नसीब नहीं हो सका है और केंद्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के निजी निवास पर संचालित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि भवन के सामने लगाया गया निर्माण संबंधी सूचना बोर्ड भी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। बोर्ड पर लिखे अक्षर तक पूरी तरह मिट चुके हैं, लेकिन भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लाखों रुपये की लागत से बनने वाला भवन दो साल में भी पूरा क्यों नहीं हुआ और इसकी जवाबदेही किसकी है?

शुरुआत में तेज रफ्तार, आधा निर्माण होते ही थम गया काम

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सेमरा में 11 लाख 69 हजार रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन का निर्माण ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव के माध्यम से कराया जा रहा था। शुरुआत में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही बच्चों को अपना भवन मिल जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य आधे तक पहुंचने के बाद काम अचानक रुक गया। इसके बाद महीनों गुजरते गए और देखते ही देखते दो साल बीत गए, लेकिन भवन आज भी अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य की यह स्थिति पंचायत स्तर पर कार्यों की निगरानी और समय-सीमा के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

निर्माण की लेटलतीफी ऐसी कि सूचना बोर्ड के अक्षर तक मिट गए!

आंगनबाड़ी भवन निर्माण में हुई लेटलतीफी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भवन के सामने निर्माण कार्य की जानकारी देने के लिए लगाया गया सूचना बोर्ड भी अब अपनी पहचान खो चुका है। बोर्ड पर लिखे अक्षर पूरी तरह मिट चुके हैं, लेकिन भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बोर्ड की बदहाल स्थिति और अधूरा भवन निर्माण कार्य की निगरानी तथा जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। जिस भवन का निर्माण समय पर पूरा होकर बच्चों के उपयोग में आ जाना चाहिए था, वह आज भी अधूरा पड़ा है। आखिर निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारों ने समय रहते काम पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाए?

हर मंगलवार टीएल बैठक में समीक्षा, फिर दो साल से अधूरे भवन पर नजर क्यों नहीं?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी उठ रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मंगलवार को गरियाबंद कलेक्टर कार्यालय में आयोजित टीएल (टाइम लिमिट) बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाती है। इन बैठकों में निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए जाते हैं। इसके बावजूद सेमरा का आंगनबाड़ी भवन दो साल से अधूरा पड़ा है।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब जिले में निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा होती है, तो सेमरा के इस अधूरे आंगनबाड़ी भवन का मामला टीएल बैठक में क्यों नहीं पहुंचा? क्या संबंधित विभाग ने निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया? क्या भवन के लगातार अधूरे रहने की जानकारी समीक्षा के दौरान सामने आई? यदि मामला अधिकारियों के संज्ञान में था, तो निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए? और यदि जानकारी ही नहीं पहुंची, तो फिर निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था किस हद तक प्रभावी है?

हालांकि, इस प्रकरण को टीएल बैठक में उठाया गया था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। लेकिन दो साल से अधूरे पड़े भवन की स्थिति प्रशासनिक समीक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े करती है। अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले की वास्तविक स्थिति की जांच करे और यह स्पष्ट करे कि आखिर निर्माण कार्य इतने लंबे समय तक अधूरा क्यों पड़ा रहा।

शिकायतें हुईं, निरीक्षण हुआ, आश्वासन मिला; फिर भी निर्माण कार्य ठप

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अनुसार, भवन का निर्माण अधूरा होने की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। वहीं, परियोजना अधिकारी छुरा चंदू साहू ने बताया कि करीब दो माह पहले उन्होंने अधूरे आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया था और सरपंच-सचिव से चर्चा की थी।

परियोजना अधिकारी के मुताबिक, चर्चा के दौरान सरपंच और सचिव ने निर्माण कार्य अधूरा रहने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। दोनों ने अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए दो से तीन माह का समय मांगा था। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। इससे निरीक्षण के बाद दिए गए आश्वासन और निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति के बीच अंतर साफ नजर आता है।

नौनिहालों के हिस्से में परेशानी, निजी घर बना आंगनबाड़ी केंद्र

आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लेकिन सेमरा में भवन अधूरा होने के कारण बच्चों को आज भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के निजी निवास पर संचालित केंद्र में जाना पड़ रहा है। दो साल से निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि आखिर गांव के नौनिहालों को अपना भवन मिलने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?

11.69 लाख के भवन पर सवाल, अब जवाबदेही तय करने की जरूरत

सेमरा का यह मामला सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी, समय-सीमा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब भवन निर्माण की जिम्मेदारी तय थी, तो काम बीच में क्यों रुक गया? निर्माण कार्य में बाधा आने पर समय रहते उसका निराकरण क्यों नहीं किया गया? निरीक्षण के बाद समय-सीमा तय होने के बावजूद काम दोबारा क्यों शुरू नहीं हुआ? और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा के बीच यह मामला अब तक निर्णायक कार्रवाई तक क्यों नहीं पहुंचा?

अब जरूरत केवल आश्वासन देने की नहीं, बल्कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भवन को जल्द पूरा कराने की है। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी राशि से बन रहा भवन जल्द बच्चों के उपयोग में आए और भविष्य में इस तरह निर्माण कार्य अधूरे छोड़ने की स्थिति पैदा न हो।

*बड़ा सवाल यही है—जब हर मंगलवार टीएल बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा होती है, तो सेमरा का दो साल से अधूरा आंगनबाड़ी भवन आखिर किसकी नजर से छूट गया? क्या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी, या गांव के नौनिहालों को यूं ही निजी घर में संचालित केंद्र के सहारे रहना पड़ेगा?*

चरौदा को स्वास्थ्य केंद्र की सौगात, विधायक रोहित साहू ने किया लोकार्पण; विकास कार्यों के लिए घोषणाओं की झड़ी ### अब गांव में ही मिलेगी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पंचायत भवन से लेकर सीसी रोड और स्कूल के अतिरिक्त कमरों तक निर्माण की घोषणा **छुरा :-** ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में ग्राम पंचायत चरौदा को बड़ी सौगात मिली है। विकासखंड छुरा के ग्राम चरौदा में नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से चरौदा सहित आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। लोकार्पण समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिला पंचायत गरियाबंद के कृषि सभापति लेखराज ध्रुवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने पर प्रसन्नता जताई। अब सामान्य बीमारियों, प्राथमिक उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने का रास्ता खुला है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। ## स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाना प्राथमिकता : रोहित साहू लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांव के लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने चरौदा के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों पर कई घोषणाएं भी कीं। पंचायत भवन से स्कूल तक, कई निर्माण कार्यों की घोषणा कार्यक्रम के दौरान विधायक रोहित साहू ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम चरौदा में नवीन पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही कमारपारा चरौदा में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। गांव में व्यावसायिक परिसर के लिए शेड निर्माण, मुक्तिधाम सह प्रतीक्षालय निर्माण, प्राथमिक शाला चरौदा में अतिरिक्त कक्ष तथा प्राथमिक शाला पटपरपाली में अतिरिक्त कक्ष निर्माण जैसे कार्यों की भी घोषणा की गई। इन घोषणाओं से गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, स्वास्थ्य सुविधा के साथ पंचायत भवन, सड़क और विद्यालयों से जुड़े कार्य भी गांव की जरूरतों में शामिल हैं। ## महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगी राहत : मीरा ठाकुर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिल सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नई स्वास्थ्य सुविधा की बधाई देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे कार्य ग्रामीण जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य केंद्र का लाभ लेने और उपलब्ध सुविधाओं का समुचित उपयोग करने की अपील की। ## जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही उपस्थिति समारोह में ग्राम पंचायत चरौदा की सरपंच श्रीमती लालता घनश्याम नागेश, जनपद सदस्य लच्छन कुमार नेताम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा गरियाबंद के अध्यक्ष इमरान अली, भाजपा मंडल महामंत्री रामलाल कुलदीप, उपसरपंच दिलीप सोरी, ग्राम पंचायत सभापति नकछेड़ा नागेश, ग्राम समिति अध्यक्ष टीकुम सोरी, बूथ अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्राम पटेल सोमनाथ नागेश और ग्राम प्रमुख रामचरण नागेश सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला पंचायत प्रतिनिधि एवं सतनामी समाज तहसील परिक्षेत्र के अध्यक्ष कोमल ढीढ़ी, सहकारी समिति लचकेरा के अध्यक्ष, मडेली के उपसरपंच हैप्पी सिंह, दिशांक चंद्राकर, भाजपा मंडल खड़मा के महामंत्री पुरुषोत्तम गोस्वामी, ब्रजलाल, बलिराम नागेश, महेश नागेश, रमादेवी अग्रवाल, सुनीता सिन्हा, धनसिंह टांडे, पटपरपाली के पूर्व सरपंच सुंदर ठाकुर, पूर्व उपसरपंच पदुराम मरकाम, हुमेश्वर कुंजाम, कौशल जगत, डिगेश नागेश, घनश्याम नागेश, संतोष ध्रुव, जहूर सिंह नागेश, हाईस्कूल के प्राचार्य ध्रुव तथा स्वास्थ्य विभाग के सीबी दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण और विभिन्न निर्माण कार्यों की घोषणाओं के साथ ग्रामीणों की लंबे समय से महसूस की जा रही बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने और स्वास्थ्य केंद्र में नियमित एवं बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने पर ग्रामीणों की नजर रहेगी।

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चरौदा को स्वास्थ्य केंद्र की सौगात, विधायक रोहित साहू ने किया लोकार्पण; विकास कार्यों के लिए घोषणाओं की झड़ी ### अब गांव में ही मिलेगी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पंचायत भवन से लेकर सीसी रोड और स्कूल के अतिरिक्त कमरों तक निर्माण की घोषणा **छुरा :-** ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में ग्राम पंचायत चरौदा को बड़ी सौगात मिली है। विकासखंड छुरा के ग्राम चरौदा में नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से चरौदा सहित आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। लोकार्पण समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिला पंचायत गरियाबंद के कृषि सभापति लेखराज ध्रुवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने पर प्रसन्नता जताई। अब सामान्य बीमारियों, प्राथमिक उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने का रास्ता खुला है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। ## स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाना प्राथमिकता : रोहित साहू लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांव के लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने चरौदा के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों पर कई घोषणाएं भी कीं। पंचायत भवन से स्कूल तक, कई निर्माण कार्यों की घोषणा कार्यक्रम के दौरान विधायक रोहित साहू ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम चरौदा में नवीन पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही कमारपारा चरौदा में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। गांव में व्यावसायिक परिसर के लिए शेड निर्माण, मुक्तिधाम सह प्रतीक्षालय निर्माण, प्राथमिक शाला चरौदा में अतिरिक्त कक्ष तथा प्राथमिक शाला पटपरपाली में अतिरिक्त कक्ष निर्माण जैसे कार्यों की भी घोषणा की गई। इन घोषणाओं से गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, स्वास्थ्य सुविधा के साथ पंचायत भवन, सड़क और विद्यालयों से जुड़े कार्य भी गांव की जरूरतों में शामिल हैं। ## महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगी राहत : मीरा ठाकुर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिल सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नई स्वास्थ्य सुविधा की बधाई देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे कार्य ग्रामीण जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य केंद्र का लाभ लेने और उपलब्ध सुविधाओं का समुचित उपयोग करने की अपील की। ## जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही उपस्थिति समारोह में ग्राम पंचायत चरौदा की सरपंच श्रीमती लालता घनश्याम नागेश, जनपद सदस्य लच्छन कुमार नेताम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा गरियाबंद के अध्यक्ष इमरान अली, भाजपा मंडल महामंत्री रामलाल कुलदीप, उपसरपंच दिलीप सोरी, ग्राम पंचायत सभापति नकछेड़ा नागेश, ग्राम समिति अध्यक्ष टीकुम सोरी, बूथ अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्राम पटेल सोमनाथ नागेश और ग्राम प्रमुख रामचरण नागेश सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला पंचायत प्रतिनिधि एवं सतनामी समाज तहसील परिक्षेत्र के अध्यक्ष कोमल ढीढ़ी, सहकारी समिति लचकेरा के अध्यक्ष, मडेली के उपसरपंच हैप्पी सिंह, दिशांक चंद्राकर, भाजपा मंडल खड़मा के महामंत्री पुरुषोत्तम गोस्वामी, ब्रजलाल, बलिराम नागेश, महेश नागेश, रमादेवी अग्रवाल, सुनीता सिन्हा, धनसिंह टांडे, पटपरपाली के पूर्व सरपंच सुंदर ठाकुर, पूर्व उपसरपंच पदुराम मरकाम, हुमेश्वर कुंजाम, कौशल जगत, डिगेश नागेश, घनश्याम नागेश, संतोष ध्रुव, जहूर सिंह नागेश, हाईस्कूल के प्राचार्य ध्रुव तथा स्वास्थ्य विभाग के सीबी दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण और विभिन्न निर्माण कार्यों की घोषणाओं के साथ ग्रामीणों की लंबे समय से महसूस की जा रही बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने और स्वास्थ्य केंद्र में नियमित एवं बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने पर ग्रामीणों की नजर रहेगी।