आठ साल बाद भी नहीं भूले ‘गरीबों के डॉक्टर’ रज्जाक मेमन, तिरंगा चौक पर जले कैंडल, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि सेवा, सादगी और संवेदनशीलता की मिसाल थे डॉ. मेमन, पुण्यतिथि पर याद कर भावुक हुए नगरवासी और सहपाठी

संवाददाता – अनीश सोलंकी 
गरियाबंद :गरियाबंद अंचल में अपनी चिकित्सा सेवा, सादगी और समाजसेवा के लिए अलग पहचान बनाने वाले सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रज्जाक मेमन की 8वीं पुण्यतिथि पर नगरवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को नगर के प्रमुख तिरंगा चौक पर लोग एकत्र हुए और कैंडल जलाकर एवं पुष्प अर्पित कर डॉ. मेमन की स्मृतियों को नमन किया।

इस दौरान उनके शुभचिंतकों, परिचितों और सहपाठियों ने डॉ. मेमन के व्यक्तित्व और सेवाभाव को याद किया। उनके निधन को वर्षों बीत जाने के बावजूद नगरवासियों के बीच उनकी याद आज भी जीवंत है। श्रद्धांजलि सभा में उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कई लोग भावुक नजर आए।

जिला बनने से पहले गरियाबंद अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होने के दौर में डॉ. मेमन ने ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा सेवा का मजबूत सहारा बनने का काम किया। उन्होंने सहजता और मानवीय संवेदना के साथ लोगों का उपचार किया और चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाजसेवा का माध्यम बनाया।

नगरवासियों का कहना है कि डॉ. मेमन की सादगी, मिलनसार व्यवहार और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। यही कारण है कि आज भी उनकी पुण्यतिथि पर लोग स्वतः एकत्र होकर उन्हें याद करते हैं।
तिरंगा चौक पर कैंडल की रोशनी के बीच जब लोगों ने डॉ. रज्जाक मेमन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए, तो माहौल भावुक हो गया। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने कहा कि कुछ लोग दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन अपनी सेवा और व्यवहार से लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहते हैं—डॉ. मेमन भी ऐसी ही शख्सियत थे।

ये रहे उपस्थित
साबिर वकील रामकुमार वर्मा राजेश साहू पार्षद छगन यादव पार्षद पुनः राम यादव सन्नी मेमन योगेश बघेल हरीश ठाकर जलाराम ठाकर अवधराम यादव बीरेन्द्र सेन चंद्रभूषण चौहान अमन दस मानिकपूरी मुकेश भोई घनश्याम यादव चंदन सिन्हा सौरभ यादव कदर हिंगोरा मुकेश यादव जुनेद खान युगल सोनी बाजीराम सेन डालसिंग साहू उपस्थित थे

मुख्य खबरें