तबादले की कैंची चली तो पिपरछेड़ी के विज्ञान के बच्चों का भविष्य अधर में! भौतिकी के एकमात्र व्याख्याता का तबादला, 11वीं-12वीं के सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट; पालकों ने कलेक्टर-डीईओ से लगाई गुहार—“पहले शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था करो, फिर भेजो”

शिक्षक के तबादले के बाद स्कूल में भौतिकी पढ़ाने वाला कोई दूसरा व्याख्याता नहीं, बोर्ड परीक्षा के बीच बढ़ी चिंता; वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षक को हटाने के फैसले पर ग्रामीणों में नाराजगी

संवाददाता – अनीश सोलंकी

गरियाबंद। जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय पिपरछेड़ी कला में भौतिकी विषय के एकमात्र व्याख्याता के स्थानांतरण ने विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद पालकों एवं ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाते हुए शिक्षक के स्थानांतरण पर पुनर्विचार करने अथवा तत्काल वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की है।

पालकों का कहना है कि विद्यालय में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में विज्ञान संकाय संचालित है और भौतिकी विद्यार्थियों का मुख्य विषय है। ऐसे समय में विषय विशेषज्ञ शिक्षक का स्थानांतरण होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई सीधे प्रभावित होने की आशंका है। खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सामने अब गंभीर शैक्षणिक संकट खड़ा हो सकता है।

“स्कूल में भौतिकी पढ़ाने वाला दूसरा शिक्षक नहीं, फिर कैसे होगी पढ़ाई?”

पालकों द्वारा कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए आवेदन में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि विद्यालय में भौतिकी विषय की अन्य कोई व्याख्याता व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में श्री ओमप्रकाश वर्मा, व्याख्याता (भौतिक शास्त्र) के स्थानांतरण के बाद विद्यार्थियों को विषय पढ़ाने के लिए तत्काल वैकल्पिक शिक्षक की आवश्यकता होगी।

पालकों ने प्रशासन से सवाल किया है कि यदि शिक्षक के स्थानांतरण के बाद भी उनकी जगह दूसरे व्याख्याता की नियुक्ति नहीं की गई तो 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई कौन कराएगा? विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में अच्छे परिणाम के लिए जिस विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन की आवश्यकता है, वह व्यवस्था कैसे पूरी होगी?

एक आदेश से वर्षों की शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल!

पालकों के दूसरे आवेदन के अनुसार श्री ओमप्रकाश वर्मा लंबे समय से विद्यालय में पदस्थ होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। आवेदन में दावा किया गया है कि उनके कार्यकाल के दौरान विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ तथा विद्यार्थियों की संख्या में भी वृद्धि हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पहले से ही विषयवार शिक्षकों की कमी जैसी परिस्थितियां विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। ऐसे में जिस शिक्षक के पास महत्वपूर्ण विषय की जिम्मेदारी है, उनका स्थानांतरण करने से पहले स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

20 अगस्त के शासन आदेश में रायपुर नवीन पदस्थापना

दस्तावेजों के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 20 अगस्त 2026 को जारी आदेश क्रमांक ESTB-102(1)/500/2026/20-1 के तहत ओमप्रकाश वर्मा, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय पिपरछेड़ी कला, जिला गरियाबंद की नवीन पदस्थापना सहायक कार्यक्रम समन्वयक, कार्यालय राज्य परियोजना समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ रायपुर के पद पर की गई है।

इसी स्थानांतरण आदेश के बाद विद्यालय के पालक और ग्रामवासी सक्रिय हुए हैं। उनका कहना है कि सरकारी आदेश का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

पालकों की दो टूक—“तबादला करना है तो करें, पहले विकल्प तो दें”

पालकों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा है कि उन्हें शिक्षक के स्थानांतरण से व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है, लेकिन विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। यदि श्री वर्मा का स्थानांतरण किया जाता है तो उनकी जगह तत्काल भौतिकी विषय के योग्य व्याख्याता की पदस्थापना की जाए।

पालकों का कहना है कि शिक्षक की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा तो इसका सीधा असर उनकी परीक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

बोर्ड परीक्षा की तैयारी के बीच सबसे बड़ा सवाल

कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भौतिकी कोई सामान्य विषय नहीं, बल्कि विज्ञान संकाय का महत्वपूर्ण विषय है। पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना, कठिन अध्यायों को समझना, प्रायोगिक ज्ञान देना और बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराना—इन सभी के लिए नियमित विषय विशेषज्ञ शिक्षक की जरूरत होती है।

ऐसे में यदि शिक्षक के स्थानांतरण के बाद लंबे समय तक पद रिक्त रहा तो विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान किसकी जिम्मेदारी होगी? यही सवाल अब पालकों और ग्रामीणों द्वारा उठाया जा रहा है।

प्रशासन के सामने चुनौती: आदेश या बच्चों का भविष्य?

पिपरछेड़ी कला के ग्रामीणों की मांग अब सीधे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के निर्णय से जुड़ गई है। एक ओर शासन का स्थानांतरण आदेश है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।

पालकों ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से आग्रह किया है कि जनहित और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मामले की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए। यदि स्थानांतरण आदेश निरस्त करना संभव नहीं है तो कम से कम विद्यालय में भौतिकी के वैकल्पिक व्याख्याता की तत्काल व्यवस्था की जाए।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग पालकों की इस गुहार पर क्या कदम उठाता है—क्या पिपरछेड़ी के बच्चों को नया भौतिकी शिक्षक मिलेगा या शिक्षक के तबादले के साथ ही उनकी पढ़ाई का संकट और गहरा जाएगा?

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चरौदा को स्वास्थ्य केंद्र की सौगात, विधायक रोहित साहू ने किया लोकार्पण; विकास कार्यों के लिए घोषणाओं की झड़ी ### अब गांव में ही मिलेगी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पंचायत भवन से लेकर सीसी रोड और स्कूल के अतिरिक्त कमरों तक निर्माण की घोषणा **छुरा :-** ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में ग्राम पंचायत चरौदा को बड़ी सौगात मिली है। विकासखंड छुरा के ग्राम चरौदा में नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से चरौदा सहित आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। लोकार्पण समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिला पंचायत गरियाबंद के कृषि सभापति लेखराज ध्रुवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होने पर प्रसन्नता जताई। अब सामान्य बीमारियों, प्राथमिक उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने का रास्ता खुला है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। ## स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाना प्राथमिकता : रोहित साहू लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांव के लोगों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने चरौदा के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों पर कई घोषणाएं भी कीं। पंचायत भवन से स्कूल तक, कई निर्माण कार्यों की घोषणा कार्यक्रम के दौरान विधायक रोहित साहू ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम चरौदा में नवीन पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही कमारपारा चरौदा में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। गांव में व्यावसायिक परिसर के लिए शेड निर्माण, मुक्तिधाम सह प्रतीक्षालय निर्माण, प्राथमिक शाला चरौदा में अतिरिक्त कक्ष तथा प्राथमिक शाला पटपरपाली में अतिरिक्त कक्ष निर्माण जैसे कार्यों की भी घोषणा की गई। इन घोषणाओं से गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, स्वास्थ्य सुविधा के साथ पंचायत भवन, सड़क और विद्यालयों से जुड़े कार्य भी गांव की जरूरतों में शामिल हैं। ## महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगी राहत : मीरा ठाकुर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिल सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नई स्वास्थ्य सुविधा की बधाई देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे कार्य ग्रामीण जीवन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य केंद्र का लाभ लेने और उपलब्ध सुविधाओं का समुचित उपयोग करने की अपील की। ## जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही उपस्थिति समारोह में ग्राम पंचायत चरौदा की सरपंच श्रीमती लालता घनश्याम नागेश, जनपद सदस्य लच्छन कुमार नेताम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा गरियाबंद के अध्यक्ष इमरान अली, भाजपा मंडल महामंत्री रामलाल कुलदीप, उपसरपंच दिलीप सोरी, ग्राम पंचायत सभापति नकछेड़ा नागेश, ग्राम समिति अध्यक्ष टीकुम सोरी, बूथ अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्राम पटेल सोमनाथ नागेश और ग्राम प्रमुख रामचरण नागेश सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला पंचायत प्रतिनिधि एवं सतनामी समाज तहसील परिक्षेत्र के अध्यक्ष कोमल ढीढ़ी, सहकारी समिति लचकेरा के अध्यक्ष, मडेली के उपसरपंच हैप्पी सिंह, दिशांक चंद्राकर, भाजपा मंडल खड़मा के महामंत्री पुरुषोत्तम गोस्वामी, ब्रजलाल, बलिराम नागेश, महेश नागेश, रमादेवी अग्रवाल, सुनीता सिन्हा, धनसिंह टांडे, पटपरपाली के पूर्व सरपंच सुंदर ठाकुर, पूर्व उपसरपंच पदुराम मरकाम, हुमेश्वर कुंजाम, कौशल जगत, डिगेश नागेश, घनश्याम नागेश, संतोष ध्रुव, जहूर सिंह नागेश, हाईस्कूल के प्राचार्य ध्रुव तथा स्वास्थ्य विभाग के सीबी दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। चरौदा में उप स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण और विभिन्न निर्माण कार्यों की घोषणाओं के साथ ग्रामीणों की लंबे समय से महसूस की जा रही बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने और स्वास्थ्य केंद्र में नियमित एवं बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने पर ग्रामीणों की नजर रहेगी।