वेतन विसंगति पर फूटा नगर पंचायत कर्मचारियों का गुस्सा, छुरा में दो दिवसीय हड़ताल से सफाई, पेयजल और कार्यालयीन व्यवस्था चरमराई

संविदा दर पर वेतन की मांग को लेकर प्लेसमेंट कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन, अध्यक्ष व सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी—मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश में होगा उग्र प्रदर्शन
छुरा, ।नगर पंचायत छुरा में वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगति के खिलाफ प्लेसमेंट कर्मचारियों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर गुरुवार से नगर पंचायत छुरा के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी निषाद एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री अशोक सलामे को ज्ञापन सौंपते हुए शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की।
हड़ताल के पहले ही दिन नगर पंचायत के नियमित कार्य प्रभावित होने लगे। सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, कार्यालयीन कामकाज सहित नगर पंचायत की कई आवश्यक सेवाओं पर असर देखने को मिला, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
‘समान काम, अलग वेतन’ से कर्मचारियों में भारी नाराजगी
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को संविदा दर के अनुसार पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जबकि नगर पंचायतों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को अब भी कलेक्टर दर के न्यूनतम वेतन पर काम करना पड़ रहा है। एक ही विभाग में समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन में भारी अंतर होने से लंबे समय से असंतोष व्याप्त है।
महासंघ का कहना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के साथ अन्याय है और इससे उनका आर्थिक व सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि सभी नगर पंचायतों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी संविदा कर्मचारियों के समान वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं।
नई श्रम नीति लागू करने की भी मांग
ज्ञापन में कर्मचारियों ने केवल वेतन विसंगति दूर करने की ही नहीं, बल्कि नए श्रम कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही श्रमिकों को मिलने वाले कई अधिकारों का लाभ।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक व्यापक रूप दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी रास्ता अपनाया जाएगा।
ये कर्मचारी रहे आंदोलन में शामिल
कार्य बहिष्कार एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान धनेश्वर नाग, मनोज दुबे, कमलेश सिन्हा, मिथलेश सिन्हा, परमेश्वर सिन्हा, वेदप्रकाश मरकाम, रजत ध्रुव, दानेश्वर निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में प्लेसमेंट कर्मचारी एवं स्वच्छता कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में वेतन विसंगति समाप्त कर संविदा दर पर पारिश्रमिक लागू करने की मांग दोहराई
